प्रदिदिन हजारों युवाओं का आकर्षण प्रेम विवाह और उससे जुड़े सवालों में होता है | मेरे पास आने वाले लोगों में से ८० फीसदी लोग प्रेम विवाह, अफेयर, शादी और दाम्पत्य से सम्बंधित होते हैं | मैं न तो प्रेम विवाह का पक्षधर हूँ और न ही परम्परागत विवाह का | मेरी दृष्टि में विवाह उचित है जब दो लोगों की कुंडलियाँ मेल खाती हों और दोनों में संजोग हों |
संजोग तब होते हैं जब वर और कन्या दोनों की कुंडलियों में कुछ न कुछ समान रूप से पाया जाए | यदि ऐसा न हो तो अधिकतर ऐसा विवाह पूर्ण रूप से सफल नहीं होता | यदि एक का लग्न मेष है तो दुसरे की राशि मेष हो सकती है या दोनों का नक्षत्र एक हो सकता है | दोनों का लग्न यदि एक ही हों तो यह बहुत बड़ा संजोग हो सकता है | दोनों की राशियाँ, नक्षत्र या लग्न एक दुसरे के अपोजिट हों तो भी मेल होता है |
बहुत से ऐसे योग भी होते हैं जो जन्म लग्न और चन्द्र लग्न में नहीं पाए जाते | वह है नवमांश | इस और कम ही लोग ध्यान देते हैं और अधिकतर तो इसे नजरअंदाज ही कर देते हैं क्योंकि पता ही नहीं कि नवमांश का काम क्या है | अधकचरे ज्ञान और ज्योतिष की कुछ किताबों से पढ़कर यदि आप कुंडली का मिलान करेंगे तो निस्संदेह गलती होगी | नवमांश एक तरह से जीवन साथी की कुंडली की ही तरह होता है | इसे देखकर उचित अनुमान लगाया जा सकता है कि पत्नी कैसी होगी | खूबसूरत पत्नी मिलेगी या नहीं | पति कैसा होगा | रूप रंग चरित्र और कद काठी तक का पता नवमांश से लगाया जा सकता है |
संजोग मिलें या न मिलें प्यार कुंडली को देख कर नहीं किया जाता | प्यार के लिए हर कोई आस लगाकर देखता है कि कोई अदृश्य शक्ति मदद कर दे | इस अनुभूति को जानकार मैंने सोचा कि क्यों न लोगों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा शांत करूं परन्तु मना करने के बावजूद लोग फिर से प्रश्न करते हैं | यानि उन्हें तो पक्का इलाज चाहिए |
लोग वशीकरण के नाम पर हजारों रुपयों की मांग करते हैं लेकिन दुखी लोग पैसा देकर भी जब सफल नहीं हो पाते तो फिर गूगल याद आता है कि शायद कोई विद्वान् ऐसा भी हो जो मुफ्त में सब कुछ बता दे | कुछ न कुछ तो मैं अवश्य बता सकता हूँ और क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मांगलिक से अमांगलिक शादी करे और कोर्ट केस और बढ़ें | विवाद, तलाक और फिर विवाह हों | इसीलिए मेरा प्रयास है कि कम से कम इतना तो बता ही दिया जाए कि आपका जीवन साथी वाकई आपसे शादी करने योग्य है भी या नहीं | आज तक मैंने हर व्यक्ति को संतुष्ट किया है और करता भी रहूँगा | ईश्वर से यही प्रार्थना है कि मेरा यह ज्ञान अगले जन्म में भी मेरे साथ ही रहे ताकि हर जन्म में मैं लोगों के कष्ट दूर कर सकूं |
क्या किया जाए जब प्रेम विवाह संभव न हो |
टीवी पर इन दिनों ज्योतिष का प्रचार प्रसार काफी है जो कि अच्छा है परन्तु ५ मिनट आपकी कुंडली देखने के बाद कोई इतना सटीक अनुमान नहीं लगा पाता और अर्थ का अनर्थ हो जाता है | एक महिला को किसी विद्वान् ने टीवी पर ही बताया कि लव मैरिज सम्भव नहीं है जब मैंने सप्तमांश और नवमांश कुंडली देखी तो इतना मुश्किल कुछ नहीं था केवल एक रत्न दोनों को धारण करने की सलाह देकर मैंने अपना कार्य कर दिया | बात फिर वही है कि केवल जन्म लग्न में सब कुछ नहीं देखा जाता | यदि नवमांश, द्रेश्कान, सप्तमांश, द्वादशांश आदि का कुंडली में अस्तित्व है तो अवश्य इसका कोई न कोई मतलब होगा |
मैं भी प्रेम विवाह के लिए मना कर दिया करता हूँ | यदि आपको मना कर दिया गया है तो कोई कारण हो सकता है | सबसे पहले तो वे लोग जो मांगलिक हैं वे जान लें कि मैं कभी अमांगलिक से विवाह करने के पक्ष में नहीं हूँ और किसी भी प्रकार के उपाय से भी इनकार करता हूँ | यदि आपको किसी मांगलिक लड़के या लड़की से प्रेम है तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है केवल सलाह है कि शादी अन्यत्र करें | जिनकी जन्मकुंडली में मांगलिक योग नहीं है परन्तु फिर भी प्रेम विवाह का योग न होने के कारण परेशान हैं उन लोगों के लिए कुछ उपाय हो सकते हैं | किसी भी प्रकार के अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है परन्तु मन्त्र और यंत्रों की सहायता से कुछ न कुछ अवश्य किया जा सकता है | सब कुछ जन्मकुंडली में स्थित ग्रहों पर निर्भर है कि कौन सा उपाय काम करेगा | उदाहरण के लिए यदि वर पक्ष के लोग कन्या को स्वीकृति नहीं दे रहे हैं तो कन्या आकर्षण मन्त्र और सर्व बाधा निवारक मन्त्रों का इतना प्रयोग करे कि सामने वाले लोग मजबूर हो जाएँ आपकी बात मानने को | यदि चारों तरफ शत्रुओं का डर है तो राम रक्षा स्त्रोत या बगलामुखी देवी के मन्त्रों और यंत्रों की सहायता से भी अभीष्ट सिद्धि संभव है |







IS ANY LOVE MARRIAGE YOGA IN MY KUNDALI?
DOB-16-12-1988
PLACE-NAGPUR (MAHARASHTRA)
TIME-11.15AM
OR WILL I GET ANY JOB BRIDE, SHE IS DOING ANY JOB?