वर-वधू के वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाये रखने के लिये विवाह (शादी) की तिथि ज्ञात करने के लिये सर्वश्रेष्ठ शुभ तिथि का उपयोग किया जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह लग्न मुहूर्त ज्ञात करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. जैसे - गुरु, शुक्र का अस्तांगत होना, चन्द्र अथवा सूर्य ग्रहण, पितृपक्ष, भीष्म पंचक आदि समय में विवाह करना शास्त्र संगत नहीं माना जाता है.
वर्ष 2012 - 2013 में विवाह में वर्जित समयावधि | Time period prohibited to marry in 2012
गुरु अस्तोदय | Jupiter Astudaya (set and rise)
29 अप्रैल से गुरु वार्धक्य प्रारम्भ होगा. गुरु ग्रह 2 मई से पश्चिम में अस्त होगें और 30 मई तक अस्त रहेंगें. उसके बाद 31 मई को 03:35 बजे (30 मई को 27:35 बजे) पूर्व में उदय होगें. 31 मई से 2 ज




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