ईश्वर द्वारा हमारा जो भविष्य लिखा गया है उसे पढ़ने के लिए ईश्वर ने हमें ज्योतिष विद्या भी दी है क्योंकि परमपिता परमात्मा को पता था की आशा की किरण कभी मंद नहीं पड़नी चाहिए ज्योतिष के माध्यम से कम से कम इतना तो पता लगाया ही जा सकता है कि अच्छा समय कब आएगा परंतु बड़े आश्चर्य की बात है कि ज्योतिषाचार्य जो भविष्यवाणी करते हैं वह आधी भविष्यवाणी होती है आइए इसे एक उदाहरण के रूप में समझने की कोशिश करते हैं।
एक व्यक्ति ने पंडित जी से पूछा कि मेरी कितनी संतान होंगी पंडित जी ने उत्तर दिया एक लड़का होगा कुछ समय बाद उस व्यक्ति के दो संतान हुई एक लड़का और एक लड़की अब यहां ध्यान देने की बात यह है कि संतान के विषय में भविष्यवाणी करने के लिए पति और पत्नी दोनों की कुंडली आवश्यक है इस तरह यह आधी भविष्यवाणी हुई।
एक अन्य उदाहरण में जातक को कहा गया कि आपकी दो शादी का योग है बाद में भविष्यवाणी गलत सिद्ध हुई क्योंकि ताली दो हाथ से बजती है पत्नी की कुंडली में ऐसा कोई योग नहीं था जो तलाक जैसी स्थिति उत्पन्न करें हलाकि भविष्यवाणी सही थी लंबे समय तक पति पत्नी में तनाव रहा और पति पत्नी एक दूसरे से सारी उम्र दूर भागते रहे।
एक उदाहरण नौकरी के विषय में भी लीजिए जातक से कहा गया कि साल 2016 में आपकी नौकरी जा सकती है भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है परंतु जातक को थोड़ी आर्थिक परेशानी अवश्य हुई उतनी नहीं जितनी गंभीरता भविष्यवाणी में थी।
पत्नी की कुंडली के ग्रहों की स्थिति साल 2016 में उत्तम थी।
यह सब उदाहरण ज्योतिष में सामान्य बात है।
एक बार पंडित जी ने चंद्रमा को अष्टम स्थान में देखकर जातक से कहा कि वर्तमान में चंद्रमा की अंतर्दशा शनि की महादशा में चल रही है इसलिए आपकी मां की तबियत खराब हो सकती है मृत्यु तुल्य कष्ट हो सकता है कब हुआ यह की जातक की माता की आंख का ऑपरेशन हुआ मोतियाबिंद के रूप में।
ध्यान देने की बात यह है कि जातक के दो भाई और एक बहन और थी उन सब की वर्तमान दशा में चंद्रमा की या तो स्थिति अच्छी थी या फिर चंद्रमा की दशा आनी बाकी थी हुई ना आधी भविष्यवाणी।
उपरोक्त सभी उदाहरण केवल इसलिए दिए गए हैं कि इंसान जीवन में अकेला नहीं होता समाज से जुड़ा है परिवार से जुड़ा है और इस जुड़ाव के साथ हमारे ग्रह भी जुड़े हैं मारने वाले से बचाने वाला हमेशा बड़ा माना जाता है यदि आपके ग्रह आपको चोट लगने का संकेत दे रहे हैं तो आपकी पत्नी के ग्रह आप को बचा सकते हैं यदि बचाव की स्थिति में हो तो।
प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से प्रेम करते हैं दोनों की कुंडली देखी तो पता चला प्रेमी की कुंडली में प्रेम विवाह का योग था प्रेमिका की कुंडली में प्रेम विवाह का योग नहीं था फिर भी दोनों का विवाह सर्वसम्मति से संपन्न हुआ तात्पर्य है कि जिस प्रश्न का संबंध दो व्यक्तियों से होता है उसकी भविष्यवाणी एक कुंडली से करना आधी भविष्यवाणी कहलाता है।
प्रबुद्ध पाठकों से निवेदन है कि इस संबंध में अपने विवेक का प्रयोग करें।
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