| आप भी जन्म कुंडली पढ़ सकते हैं | | Print | |
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| Thursday, 02 June 2011 19:58 | |||
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मुझे कई लोगों से यह सन्देश मिलता है की आप हमें भी ज्योतिष से अवगत करवाएं ताकि हम अपनी जन्म कुंडली के सामान्य ज्ञान के द्वारा जीवन को समझ सकें ! मैं समझता हूँ की ज्योतिष की थोड़ी सी समझ हर मनुष्य को होनी चाहिए ! जैसे की अगर उसे यह पता हो की उस पर कौन से गृह की दशा चल रही है या किस ग्रह का प्रभाव इस समय उस पर पड़ रहा है तो कम से कम वह किसी विद्वान से आने वाले शुभाशुभ का पहले से पता लगाकर उसके प्रति सचेत हो जायेगा ! मैं यहाँ केवल मुख्य बातों पर ही विचार करूँगा ! जन्म कुंडली मैं १२ राशियाँ होती हैं जिनका एक अधिष्ठाता (स्वामी) ग्रह होता है
१. मेष - मंगल २. वृष - शुक्र ३. मिथुन - बुध ४. कर्क - चन्द्र ५. सिंह - सूर्य ६. कन्या - बुध ७. तुला - शुक्र ८. वृश्चिक - मंगल ९. धनु - गुरु १०. मकर - शनि ११. कुम्भ - शनि १२. मीन - गुरु
ग्रह ९ होते हैं १. सूर्य २.चन्द्र ३.मंगल ४.बुध ५.गुरु ६.शुक्र ७.शनि ८. राहू ९. केतु
सबसे पहले पाठकों को यह कंठस्थ कर लेना चाहिए क्योंकि यह ज्योतिष मैं सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं जिनकी कुंडली देखते समय पल पल आवश्यकता पड़ती है ! जब किसी का जन्म होता है तो उस दिन जो ग्रह जिस राशी मैं होता है उसके अनुसार जन्म लग्न का निर्माण किया जाता है !
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