मूंगा लाल रंग का एक सुन्दर रत्न है | यह मंगल का रत्न है जो एक चट्टान के रूप में समुद्र की तलहटी में पाया जाता है | इस रत्न के विषय में मेरा अनुभव यह है कि अधिकतर लोग नहीं जानते कि इसे पहनने का सही तरीका क्या है या किस वजन का कौन सी ऊँगली में और किसे पहनना चाहिए |
हर किसी को मूंगा पहनने कि सलाह देना नुकसानदेह हो सकता है इसलिए सभी विद्वानों को मंगल रत्न को पहनने की सलाह सोच विचारकर ही देनी चाहिए |
सबसे पहले तो यहाँ यह बता देना आवश्यक है कि मूंगे के दो आकार होते हैं जिन्हें पहना जाता है | एक केप्सूल के आकार में और दूसरा तिकोना |
तिकोना मूंगा निस्संदेह अधिक शक्तिशाली होता है |
मूंगा पहनने के लाभ
मूंगा यदि रास आ जाए तो खतरों से बचाता है | हिम्मत, आत्मविश्वास और इच्छा शक्ति इसको पहनने से बढ़ने लगती है | आलस्य को दूर भागता है | काम शक्ति में वृद्धि करता है | दुश्मनों को दूर करता है और मददगार मित्र मिलते हैं | खून की कमी को दूर करता है | मंगलीक योग के कारण विवाह नहीं हो रहा हो तो मूंगा विवाह के योग बनाता है |
नौकरी में तरक्की और व्यापार में इजाफा मंगल के इस रत्न को पहनने से होता है | नौकरी चली गयी हो तो भी मूंगा पहनने से लाभ होता है | जिन लोगों के एक्सीडेंट अधिक हो रहे हों या आरेशन क डर हो तो मूंगा आजमा कर देखें | न तो आपरेशन की नौबत आएँगी और ना ही फिर से दुर्घटना होगी |
मूंगा कौन पहनें?
जिन व्यक्तियों की कुंडली में मंगल ४, ८, १२ वें स्थान में बैठा हो | लग्न मेष, सिंह, कर्क, धनु, मीन, मकर या वृश्चिक हो तो मूंगा अवश्य पहनना चाहिए | कितने वजन का इसका विचार मंगल के बल पर निर्भर करता है |
इसके अतिरिक्त नीच राशि (कर्क) में मंगल कहीं भी बैठा हो तो तिकोना मूंगा पहनना चाहिए | तिकोना मूंगा वे ही लोग पहनें जिनका मंगल अत्यंत कमजोर हो | इस बात का निर्धारण किया जाना आवश्यक है कि मूंगे का वजन और आकार कैसा होना चाहिए |
तिकोना मूंगा
इसकी विशेष बनावट इसे अति प्रभावशाली बनाती है | उच्च क्वालिटी का तिकोना मूंगा अपना रंग बदल कर खतरे के प्रति अपने स्वामि को सचेत कर देता है | बाजार में नकली तिकोने मूंगे बहुतायत में मिलते हैं इसलिए ध्यान से खरीदें क्योंकि न सिर्फ यह एक महेंगा रत्न है बल्कि ज्यादा वजन में भी कम पाया जाता है | इसका रंग ही इसकी क्वालिटी का निर्धारण करता है | जितना अधिक रंग में फर्क होगा उतना ही सस्ता होगा |असली और नकली मूंगा
नकली मूंगा केप्सूल आकार में भी पाया जाता है | इसकी पहचान है कि ये पूरी तरह गोल न होकर नीचे से चपटा होता है |
मूंगे की गुणवत्ता केवल ऊपर लिखे सिद्धांतों पर ही नहीं वरन और भी कई तरह से की जाती है इसलिए केवल किताबें पढकर रत्न नहीं खरीदने चाहियें |
मूंगा कौन सी धातु में पहनें ?
अधिकतर विद्वान केवल सोने में मूंगे को पहनने की हिदायत देते हैं परंतु हमारी सलाह है कि इस रत्न का चुनाव करते समय धातु का भी विचार रखा जाए तो अधिक लाभ होगा | पूरे फायदे के लिए आपको अपनी ग्रह स्थिति के अनुसार धातु का चुनाव करके ही मूंगा पहनना चाहिए |
उदाहरण के लिए चंद्र मंगल के योग में, चंद्र मंगल की युति में या मंगल यदि चंद्र को देख रहा है तो मूंगा केवल चांदी में धारण करना चाहिए | इससे न केवल मंगल बलवान होगा बल्कि उसके साथ चंद्र को भी कोई नुक्सान नहीं होगा |
ताम्बे में तभी धारण करें जब सूर्य मंगल साथ हों या एक दूसरे को देख रहे हों |
साधारण अवस्था में सोना ही मूंगे के लिए श्रेष्ठ धातु है फिर भी यह जांच लें कि आपके मंगल की अवस्था कैसी है |
कौन सी ऊँगली में
मूंगा अनामिका में वे लोग पहनें जिनका मंगल लग्न में हो या सूर्य के साथ हो | सूर्य पर मंगल की दृष्टि हो या मंगल सिंह राशि में हो | मध्यमा ऊँगली में वे लोग पहनें जो शारीरिक श्रम अधिक करते हैं या जिनका मंगल नीच राशि में हो | कभी कभी ऐसा भी होता है कि मूंगा पहनने से न फायदा और न ही नुक्सान होता है | ऐसी स्थिति में ऊँगली बदल कर देखें |
