जब कोई उपाय काम न करे
बहुधा देखा जाता है कि अमुक व्यक्ति किसी ग्रह से पीड़ित है I विद्वान व्यक्ति द्वारा दिये गए उपाय करने से उसे राहत मिल जाती है I परंतु कभी कभी मैंने देखा हैं कि सौ में से एक व्यक्ति ऐसा भी होता है जिसे न तो रत्न पहनाए जा सकते हैं और न ही उसके पास इतना समय है कि लाल किताब के उपाय कारगर सिद्ध हों I ऐसी दशा मे क्या किया जाये ?
मंत्र और यंत्र ऐसे ही समय मे काम मे लाये जाने चाहिए I मंत्रों मे निहित शक्ति से व्यक्ति को तत्काल ही राहत मिलती है I उदाहरण के लिए एक व्यक्ति ने अपना पन्द्रह लाख रुपया कहीं फंसा दिया था और वह उसे वापस चाहता था I केवल गणपती के मंत्रों से उसका काम बन गया और कुछ खर्च भी नहीं करना पड़ा I
अब सवाल उठता है कि उसने तो मंत्र प्रयोग से अपनी कामना सिद्धि कर ली परंतु एक साधारण व्यक्ति जिसे मंत्रों का उच्चारण सही तरीके से नहीं आता है वह क्या करे I ऐसे व्यक्ति को कर्मकांडी विद्वान के पास जाकर अपना मनोरथ सिद्ध कर लेना चाहिए I यह भी संभव न हो सके तो यंत्रों का सहारा लेना चाहिए I रत्नों की अपेक्षा यंत्र अपना काम जल्दी शुरू कर देते हैं I रत्न केवल कुछ समय तक ही अपना प्रभाव दिखाते हैं परंतु यंत्रों की एक बार प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद जब तक पूजा की जाती है तब तक अपना प्रभाव दिखाते रहते हैं I
यंत्रों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें
किसी भी यंत्र का प्रयोग करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना अत्यावश्यक होता है I
- कोई भी यंत्र हो उसकी प्रतिदिन पूजा अर्चना आवश्यक है I यंत्र को पंचामृत से धोकर धूप दीप से उसका पूजन करना चाहिए I
- यंत्र के नीचे आसान का होना आवश्यक होता है I
- यंत्र को जिस पंचामृत से धोया जाता है उसे व्यर्थ फेंकना नहीं चाहिए I
- यंत्र की किसी शुभ मुहूर्त मे प्राण प्रतिष्ठा करवाकर प्रयोग करना चाहिए I प्राण प्रतिष्ठा के बिना यंत्र मे कोई शक्ति नहीं होती I उसके बाद भी उसे यूं ही फेंकना नहीं चाहिए अन्यथा दुष्परिणाम होते हैं I
- यंत्रों मे शक्ति निहित होती है जिसे मंत्रों द्वारा जागृत किया जाता है I इस प्रकार से यंत्र तुरंत फलदायी सिद्ध होते हैं I
- यदि आपमें यंत्र के प्रति श्रद्धा नहीं है, उसकी नित्य पूजा नहीं की जाती या यंत्र को केवल खरीद कर रख दिया जाये तो उससे किसी प्रकार के लाभ की कामना करना व्यर्थ है I
- यदि प्रतिदिन मंत्र जाप संभव न हो सके तो कम से कम पंचामृत से यंत्र को स्नान कराकर भी प्रयोग किया जा सकता है I
- यंत्र रत्नों की अपेक्षा अधिक शक्ति रखते हैं परंतु इन्हें गोपनीय रखना चाहिए I
- रत्न एक निश्चित अवधि तक ही प्रभावी रहते हैं परंतु यंत्र के लिए समय की कोई सीमा नहीं होती I आप जीवन पर्यंत यंत्र से लाभ प्राप्त कर सकते हैं I
According to Indian Astrology each and every thing is important being listed above.
