शादी में देर
शादी में देरी (delay in marriage ) जैसी समस्याओं के लिए मुझे बहुतायत में Emails मिलती हैं ! प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दे पाना संभव नहीं है इसलिए पाठकों को इस विषय में कुछ जानकारी दी जा रही है ! आशा है पाठक लाभान्वित होंगे !
लड़कियों के लिए -
प्रत्येक माता पिता की यह इच्छा रहती है कि उनकी बेटी की शादी जल्दी व् किसी योग्य वर से हो जाए ! जिन लड़कियों की शादी में विलम्ब हो रहा हो उन्हें यह देखना चाहिए कि कुंडली में किस कारण से विलम्ब हो रहा है ! सर्वप्रथम उसका उपचार करना चाहिए ! लड़कियों की कुंडली में गुरु उनके पति का कारक ग्रह होता है ! बहुधा देखा जाता है कि गुरु के राहू केतु के अक्ष में होने, शनि के साथ बैठे होने या गुरु पर शनि की दृष्टि से लड़कियों की शादी में देरी होती है ! मंगलीक योग में होने वाली देरी से तो सभी परिचित हैं परन्तु ज्योतिष में कुछ ऐसे भी उपाय होते हैं जिन्हें किसी भी अवस्था में किया जा सकता है ! अर्थात किसी भी कारण से देरी हो रही हो, यह उपाय करने से जल्द ही शादी का योग बन जाता है ! नीचे कुछ अति महत्वपूर्ण उपाय दिए जा रहे हैं जिन्हें करने से निश्चित ही लाभ होता है !
पुखराज धारण करने से १ महीने के अन्दर शादी का योग बन जाता है ! ध्यान रहे, पुखराज अति उत्तम क्वालिटी का तथा दोषरहित होना चाहिए ! पुखराज को धारण करने से पहले उसे कुछ दिन सिरहाने रख कर उसकी परीक्षा करनी चाहिए ! अगर स्वप्न में शुभ संकेत दिखें तो समझ लेना चाहिए की पुखराज से काम बन जाएगा ! बुरे स्वप्न आने की दशा में उस रत्न को तुरंत वापस कर दें !
अगर पुखराज से काम न बने तो एक निम्बू के चार बराबर भाग करके उसे अमावस्या की रात्रि में किसी चोराहे पर चारों दिशाओं में एक एक करके फेंक दें व् पीछे मुड़कर न देखें !
गुरूवार का व्रत रखकर केले के वृक्ष की पूजा करने से भी जल्द ही शादी का योग बन जाता है !
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों सः गुरवे नमः का १९ हजार की संख्या में जाप करवाएं,सुन्दर शिक्षित व् सुयोग्य वर की प्राप्ति होगी !
स्त्रियों को पार्वती की पूजा करने से भी वांछित फल की प्राप्ति होती है !
कुंडली में सातवाँ घर पति या पत्नी का होता है I इस घर की राशी का स्वामी भी वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है I इसी तरह पुरुषों की कुंडली में शुक्र और स्त्रियों की कुंडली में गुरु पत्नी व पति के कारक होते हैं I शादी में देर के बहुत से कारण हो सकते हैं I इन तीनों की स्थिति से इस बात का पता लगाया जा सकता है I
सप्तम भाव में अशुभ ग्रहों का होना जैसे कि मंगल, सूर्य, शनि, राहू तथा केतु इस स्थान में बैठकर बाधा डालने का काम करते हैं I शुभ ग्रह इस स्थान में बैठकर विवाह के प्रस्ताव लाने तथा विवाह का दिन निश्चित करने का काम करते हैं I जब सप्तम में कोई ग्रह न हो या सप्तम भाव पर किसी की दृष्टि भी न हो तो सप्तम भाव में जो राशि है उसके स्वामी को देखना चाहिए अर्थात सप्तमेश कहाँ बैठा है, किसके साथ है, नीच राशि में है या उच्च राशि में या फिर स्वराशी में I उसकी स्थिति कैसी है I खासकर अशुभ ग्रह के साथ बैठे होने पर वैवाहिक जीवन में बाधा आती है I पुरुषों कि कुंडली में यदि शुक्र नीच राशि यानि कन्या में हो तो वैवाहिक जीवन सामान्य नहीं रहता I शुक्र तीसरे, छठे, दसवें स्थान में हो तो भी वैवाहिक जीवन में सुख कम मिलता है I
शुक्र मेष, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, राशियों में भी अच्छा फल नहीं देता है I सूर्य के साथ मिलकर शुक्र अस्त हो जाता है I इस तरह शुक्र का शुभ होना ही वैवाहिक जीवन का आधार होता है I इसी तरह गुरु स्त्रियों की कुंडली में पति का कारक होता है I गुरु का वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर राशियों में होने से जीवन को हानि होती है I गुरु का सूर्य के साथ होना भी गुरु को अस्त बनाता है I
सप्तम में शनि हो तो विवाह में देरी संभव है I इस स्थिति में शनि जितना अधिक कमजोर होगा उतना ही अधिक देर समझें मंगल का १, ४, ७, ८, १२ स्थानों में होना मंगलीक योग बनाता है I इससे भी विवाह में देरी होती है I
विवाह में देरी हो या वैवाहिक जीवन दुखी हो, जीवन साथी से मतभेद हो या तलाक संभव न हो, सप्तम भाव, सप्तमेश या गुरु, शुक्र ही हमेशा उत्तरदायी रहते हैं I नीचे लिखे उपाय से विवाह में हो रही बाधाओं से मुक्ति मिलती है I
पुखराज पहन लें, शादी में हो रहा विलम्ब दूर होगा I अगर पुखराज संभव न हो सके तो गौरी शंकर रुद्राक्ष सोमवार को गले में धारण करें I
पुरुषों के लिए
कुछ लोगों के भाग्य में स्त्री का सुख नगण्य होता है तथा उनकी स्त्रियों से बिलकुल नहीं बनती या स्त्रियाँ उनके पास नहीं आती या यों कहा जा सकता है कि स्त्रियाँ उनसे दूर भागती हैं ! ऐसी दशा में आकर्षण मन्त्रों का प्रयोग बहुत चमत्कारी सिद्ध होता है ! वैसे तो पुरुषों के विवाह में स्त्रियों के मुकाबले कम ही दिक्कत आती है परन्तु मंगलीक योग, सूर्य का सप्तम में होना, शुक्र का अशुभ होना, सप्तमेश का नीच राशि में होना ऐसे ही योग बनाता है ! इस सम्बन्ध में किसी योग्य विद्वान से परामर्श लेना उत्तम रहेगा ! फिर भी मैं कुछ उपाय दे रहा हूँ जिनसे शादी के योग बनते देखे गए हैं !
शुक्र का उपाय करें, इसके लिए शुक्रवार को सफ़ेद गाय को हरा चारा खिलाएं !
जब भी किसी लड़की को देखने जाएँ, एक जलेबी रास्ते में पड़ने वाली नदी में प्रवाहित कर दें !
एक स्टील का ताला शुक्रवार को खरीद लें तथा उसे खोले बिना ही मंदिर या गुरुद्वारे में दान कर दें, जिस वक्त कोई व्यक्ति उस ताले को प्रयोग करने के लिए पहली बार खोलेगा, आपके भाग्य का बंधन उस समय खुल जाएगा !
कुँवारी कन्याओं को उनकी मनपसंद वस्तु हर रोज दें, गंदे या फटे कपडे मत पहनें, सुगन्धित द्रव्य का प्रयोग अपने शरीर पर करें, किसी से मुफ्त में कोई भी चीज़ न लें, बर्फी का भोग संतोषी माता को शुक्रवार को लगाएं ! इन बातों का ध्यान रखने से आपका शुक्र बलवान हो जाएगा !
एक बहुत ही प्रभावशाली मन्त्र है जिसे बार बार आजमा कर देखा गया है नीचे दिया जा रहा है ! अगर विश्वास के साथ करेंगे तो निश्चित ही मनपसंद जीवन संगिनी की प्राप्ति होगी ! विधि के लिए यहाँ क्लिक करें
पत्नी मनोरमा देहि, मनोवृत्ता नुसारीणीम !
तारिणीम दुर्ग संसारस्य कुलोद्भ्वाम !!
शनिवार को एक नारियल का गुट ले लें जो की पंसारी से आसानी से मिल जाता है ! उसके ऊपर से इस तरह से काट लें की उसमे पंजीरी भरी जा सके और चींटियों के जाने के लिए भी सुराख़ हो ! देसी भी की पंजीरी बना कर उसे भर दें तथा किसी ऐसी जगह पर भूमि में दबा दें जहाँ चींटियाँ आसानी से उसे खा सकें ! आपके विवाह की बाधा कुछ ही दिनों में दूर हो जायेगी !
इस सन्दर्भ में पाठकों के सुझाव, प्रश्न, या शिकायत आमंत्रित हैं I जो पाठक ऐसी ही किसी समस्या में फंसे हैं कृपया अपना पूरा विवरण समस्या के साथ लिखकर भेजें I
